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गीत

 कैसे बेटी व्याहेंगे अब भगवान भी हमसे रूठ गए! ये दुनिया ज़माना क्या कहना जब राम हमारे छूट गए! २        जीवन ही गरीबों का होता,        जोड़े कोई खाए कोई!        दर दर की ठोकर खाएं हम,         पर भरे ख़जाना और कोई!! घुट घुट जीने की आदत है दर दर पे भटकना काम हुए।       मायन का दिन तो बीत गया,         बारात है कल आने वाली!         ये पहाड़ हि दुख का टूट पड़ा,         जब बेटी है जाने वाली!! क्या कह के बारात विदा कर दूं क्या कह दूं कि हम तो लुट ही गये           ये जीवन भी क्या जीवन है,           पल - पल कटते रोते- रोते!           है पहली शर्त ग़रीबी की,            चलते जाओ खोते-खोते !! खुद होम भी हमको होना है जलकर हम ही तो ख़ाक भये! ये दुनिया ज़माना क्या कहना जब राम हमारे छूट गये.. कैसे बेटी...          ...
             कोरोना जागरूकता गीत : ============================= दुनिया को नाच नचाए रई रे... कोरोना के बेमारी हां - हां रे, कोरोना बेमारी..... देसन-देसन छाय रई रे, कोरोना बेमारी ,,  हां-हां रे कोरोना बेमारी ! दुनिया को नाच............ चीन निकल के भारत आई,( चीन जनित भारत में आई) इटली पाकिस्तान उड़ाई! का कहौं ऐकर महिमा भाई, बरनन हमसे करि नहिं जाई!  २. ( हां) नेकुअन अमेरिकौ के आय रई रे,, कोरोना बेमारी! देसन देसन ............. जतन बताऊं भैया तुम खां,  चुप्पे घर मा राने तुम खां! साबुन से हाथ धोने तुम खां, मास्क लगा के चलने तुम खां! - २. कठिन जतन मिट ( भाग) जाई ये,,, कोरोना के बेमारी,, देसन देसन .............. जन- जन के ई जिम्मेदारी, कारनामा सब करौ सुधारी! 'का चुप साधि रहा बलवाना', अब तो जागो हे! हनुमाना! बेसी ( ज्यादा) न तुमसे बेमारी रे ,,, कोरोना बेमारी!!!  देसन देसन.............. कौंनो दुख दुनिया में नइयां, जेके बाद सुख आवत नइयां! कारी रैन अमावस्या भी , भोरे बदल जात दिन मइयां!! २. अटल नियम या है भाई रे ,, तनकौ न कोउ घबराई रे ,, कोरोना ...
            कोरोना जागरूकता.....    ======================== कोरोना के बारे मा गीत सुनाऊं इण्डिया लाइव के सहारे मा।      सबरो दुनिया परेसान है भइया  या बीमारी ......मा! भइया - भौजी घर मा रइयो, तनक भी न इससे घबरइयो; पान मसाला ना तुम खइयो, साबुन ते हांथन का धोइयो! मोडन- मोडिन का समझाओ घूंमए ना बजारे मा!!!!       सबरो दुनिया परेसान भइया............... मनवा मा जौं सोच के रखियो, मुखवा मास्कवा से ढकियो; नइयां प्यार घटाने बिल्कुल, ता पर भी दूरी मा रहियो! परसासन की बात मान के रहियो अपने ठिकाने मा!!!!     सबरो दुनिया परेसान है भइया................ परसासन की बातैं मानो, इतै-उतै बिल्कुल नईं जानो; अपनी जिम्मेदारी निभानो, कछु दिनन सब घर मा रानो! काहू से ना हाथ मिलानो ना बतियानो द्वारे मा!!!!        सबरो दुनिया परेसान है भइया.............                                        - बुन्देली गीत  ...
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              लाॅकडाउन......       =================  लाॅकडाउन! क्या है ये लाॅकडाउन?     उनके प्रश्न पर फिर मैंने तोड़ा मौन, कहा अब घर से बाहर नहीं जाना! सच बताना? हो गईं सारी व्यवस्थाएं बन्द घर में रहो दिन कुछ चंद ! सरकार का यह ऐलान है  बंद सारी दुकान हैं कैद घरों में इंसान हैं हर तरफ पसरा श्मशान है। हठात् हंसी निकली उनकी  पास पड़ी थी रसोई जिनकी बोलीं,  मैं तो पर हूं आजाद! क्या बांध सकेगी मुझे सरकार ? देखो! मैं तो जा सकती हूं कहीं भी! कभी कमरे की इस देहरी  तो कभी उस देहरी मैंने भी बेख़ौफ़ उनको घूमते पाया, कभी रसोई तो कभी बगिया । देते देखा पौधों को पानी, सींचते देखा घर का हर एक प्राणी। किचेन से फिर बाहर आकर मुझे नास्ते की प्लेट सरकाकर बोलीं , लाॅकडाउन से क्या मेरा सरोकार यही है मेरी दुनिया यही मेरा संसार।                                           ...
                त्याग..... =================== ये ग़म भी हमारा ऐसा है, न कह सकते न कर सकते। न आ सकते न जा सकते , न रो सकते न गा सकते।।  हों जलकण भी न जहां किंचित्, न हो शीतल न प्यारा हो।  रहे नीड़ हमारा निर्जन में, जो त्याग तपां से न्यारा।। वह निर्जनता भी ऐसी हो, जिसमें जन जन का वास मिले। जहां कण्टक मध्य अकण्टकता, बांटती सुरभि का दान मिले।।
              दातून : ----------------------------------- नीम की एक दातून जो दो दिन पहले  ही तोड़ी गई थी बहुत उदास दिख रही थी या यों कहें कि निरन्तर सूखती जा रही थी । आश्चर्य तो तब हुआ जब उसी के साथ तोड़ी गई कुछ छिटपुट पतली पतली कनियां  पाई गईं कुछ काम लायक मैंने उससे पूछा यार तुम बहुत उदास लग रही हो और तुम्हारी सहोदराएं तो काफी खुश हैं? वह कुछ सकपका कर उसांस छोड़ते हुए बोली भले वह पेड़ से कट गई हैं पर कम से कम टहनी से अपनी जुड़ी तो हैं।                                 - जी.एल.'चित्रकूटी'
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                          भजन..... ------------------------------------------------------ दुनिया है सच ही वीरान कि भज ले वंदे सीताराम... २ तेरा अपना है बस भगवान् कि भज ले वंदे सीताराम.. दुनिया है................ भाई भतीजे काम ना आवैं झूंठा रिश्ता सबै बनावैं स्वारथ रत सब काम चलावैं.....२ नहिं कोइ किया सत् काम...  कि भज ले वंदे सीताराम! तेरा अपना......... दुनिया है.............. जीवन दो दिन का है पाया वो भी करि-करि व्यसन गंवाया शमन हुई सुंदर सी काया....२ करना है तुझे इक दिन बयान .. कि भज ले वंदे सीताराम! तेरा अपना.......... दुनिया है................. भाई मेरे सुकरम में आओ 'चित्रकूटी' की राह अपनाओ जीवन जलद सा सफल बनाओ....२ अब लौं नहिं बिगड़ी है तेरी शान.. कि भज ले वंदे सीताराम! तेरा अपना.......... दुनिया है सच ही वीरान कि भज ले वंदे सीताराम तेरा अपना है बस भगवान् कि भज ले बंदे सीताराम दुनिया है...............                       ...